Wednesday, September 10, 2025
टेक्नोलॉजी मित्र या शत्रु?
टेक्नोलॉजी के फायदे कम नुकसान ज्यादा हैं,आज से 15-20 साल पहले सभी जाति के लोग एक साथ पढ़ते-लिखते,खेलते-कुदते, लड़ते -झगडते थे और फिर एक हो जाते थे, समाजिक अपराध भी होते थे पर आज की तरह एक-दूसरे के प्रति नफ़रत की भावना इतनी चरम पर नहीं थी,जो मुख्य अपराधी होता था सजा सिर्फ उसको ही मिलती थी पुडे समाज-परिवार को नहीं,पर आजकल तो लोग बस एक मोके की तलाश में रहते हैं कि आपके घर-परिवार-समाज ने ऐसा किया- वैसा किया,आप सभी भी उसी के पात्र हैं वगैरा -वगैरा और ये सभी जाति-समाज में चालू है क्योंकि वर्तमान में टेक्नोलॉजी का एक ऐसा टेक्नो-ईकोसिस्टम चालू है जिसका काम समाजिक द्वेष फैलाना ही मात्र एक काम है और ऐसे-ऐसे तर्क प्रस्तुत करता है कि समाज उसे सच मान लेता है फेसबुक,व्हाट्स एप,यूट्यूब, स्मार्टफोन,जियो 4जी आदि के आने के बाद समाज का क्या हाल है सब को पता है ? बच्चे पैदा होते ही मोबाइल देखकर खुश हो जाते हैं और माता पिता भी अपना समय बचानें के लिए उन्हें मोबाइल देकर स्वतंत्र हो जातें हैं फिर वो उसका उपयोग करें या दुरउपयोग किसी से कोई मतलब नहीं और यहीं से जन्म लेता है अपराध जब समाज, परिवार,जाति, धर्म-कर्म ही नष्ट -भ्रष्ट हो जाएंगे तो क्या मतलब ऐसे विकृत-विकसित मानसिक समाज का ?
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